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Showing posts from May, 2020

अब तो जागो हिन्दुओ नहीं तो।

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अब तो जागो हिन्दुओ  नहीं तो।  कहते है जब नादिर शाह ने दिल्ली पे कब्ज़ा किया था तो जामा मस्जिद के ऊपर चढ़कर एक तलवार छत पर गाड़ी थी और अपने जिहादियों को हुक्म दिया की जब तक ये तलवार ना उठे, क़त्ल-ए-आम ना रुके... और रुका भी नहीं। अहमद शाह अब्दाली जब लाहौर से निकला तो ये हुक्म दिया की वापिस आऊं तो शहर के चारो तरफ छकड़ों में नरमुंड का सैलाब हो... और ये हुआ भी। इनको सिर्फ लुटेरा बताके इतिहास ख़त्म कर देने वाले वामी दोगले, औरंगजेब को माननीय बताने लगते है तो हैरानी क्या? ये तो इनके नायक है। दिल्ली में एक लाख लोगो को काटने वाला तैमुर हो या राजपूतो के खून का प्यासा अल्लौद्दीन खिलजी... ये सब इनके नायक है। तारिक-बिन-जियाद से लेकर ओसामा बिन लादेन तक सब माननीय है। किसको फर्क पड़ता है के गुरु तेग बहादुर के साथ क्या हुआ या संभाजी के साथ क्या हुआ?? सहिष्णुता सिखाता है ना हिंदुत्व, तो ये सब स्वीकार करो!! अपने कातिलो को अपना भगवान स्वीकार करो और तब तक करो जब तक ख़त्म ना हो जाओ!! तुम्हारे पास कंधार नहीं रहा, लाहौर नहीं रहा, सिंध, ननकाना साहिब, हिंगलाज भी नहीं, और तुम्हारा वह...

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं -

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दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं -  एक वो जो हर समस्या में अवसर खोजते हैं दूसरे वो जो हर अवसर में समस्या खोजते हैं.. प्रधानमंत्री ने भी माना कि इस वायरस ने पूरी दुनिया को तहस नहस कर दिया है..लेकिन साथ ही ये भी कहा कि ये संकट हमारे लिए नए अवसर लेकर आया है.. कल तक जो कह रहे थे कि ये सरकार सब कुछ केवल जनता से ही करवाना चाहती है, खुद कुछ नहीं करना चाहती.. आज वो भी देश के अब तक के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज दिए जाने के बावजूद इसमें भी मीनमेख निकालने में लगे हैं.. किसी को ये झुनझुना लगा, किसी को बकवास लगा, किसी को असंभव लगा, कुछ तो यहाँ तक कह गए कि इस पैकेज की आड़ में मोदी अपने कुछ खास लोगों का कर्ज़ माफ़ करवा देंगे.. इनमें से अधिकांश लोग वो हैं जो एक मंदबुद्धि अधेड़ को प्रधानमंत्री बनाने पर आमादा हैं.. जिसे खुद पता नहीं होता कि वो क्या बोल रहा है.. वो हिंदी में बोलता है फिर भी उसने क्या कहा ये समझाने के लिए भी चार लोग रखे हैं.. लेकिन समस्या ये है कि वो चार लोग भी उतने ही बड़े मंदबुद्धि हैं.. खैर.. ये रकम कम है.. ज़्यादा है.. मजदूरों को निचोड़ लिया जाएगा.. उनके अधिकार समाप्त हो जाएं...

राम भग्त हनुमान

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भगवान  बजरंगबली    हनुमान ,    राम भग्त हनुमान हनुमान जी को साहस, शक्ति, स्वामि भक्त तथा निस्वार्थ सेवा के लिए जाना जाता है। महाकाव्य रामायण में हनुमान जी को भगवान राम जी का सबसे बड़ा भक्त बताया गया है। इनकी नित दिन आराधना करने से मनोवांछित वरदान प्राप्त होता है। पुराणों के अनुसार भगवान हनुमान जी को शिव जी का रुद्रावतार माना जाता है। शिव पुराण के अनुसार हनुमान जी ही शिवजी के ग्यारहवें अवतार हैं। ज्योतिषीयों के सटीक गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे हुआ था। हनुमान जी के जन्मस्थान का रहस्य : - शास्त्रानुसार हनुमानजी की माता का नाम अंजना था । जो अपने पूर्व जन्म में एक अप्सरा थीं । अंजना ब्रह्मा लोक की एक अप्‍सरा थी, उन्हें एक ऋषि ने बंदरिया बनने का श्राप दिया था । श्राप अनुसार जिस दिन अंजना को किसी से प्रेम हो जाएगा, उसी क्षण वह बंदरिया बन जाएगी तथा उनका पुत्र लेकिन उसका पुत्र भगवान शिव का रूप होगा । अंजना अपनी अपनी युवा अवस्था में केसरी ...

देश के गद्दार Anti Nationalist of India Produced by Congress ?

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Desh ke gaddar देश के गद्दार डूब मरो हिन्दुओ , जो उखाड़ना हैं उखाडलो। ... हम तो मानने वाले नहीं। Dub maro o hinduo ... Jo ukhadna h ukhad lo ... Tumhari koe nahi sunega .

महाराणा प्रताप

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                                         आज एक अलग ही समाचार जानने को मिला। कोरोना के कारण पूरे देश के सामने जहाँ आजीविका का संकट है, वहीं राजस्थान के सिरोही और जालौर जिले के आदिवासी एक अलग ही उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कोरोना के कारण आजीविका संकट को देखते हुए जब इन आदिवासियों को प्रशासन द्वारा खाद्य सामग्री प्रदान किया जाने लगा, तो उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री वो निःशुल्क नही लेंगे – "हमें काम दीजिये, हम काम करेंगे, उसके बदले में अनाज लेंगे।" इससे चिंतित होकर अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिलाया कि भविष्य में उन्हें इस अनाज के बदले काम अवश्य दिया जायेगा, पर अभी वो ये खाद्य सामग्री रख लें। बतलाया जाता है कि ऐसी स्थिति उस क्षेत्र में बसने वाले हर आदिवासी क्षेत्र की है, और उस क्षेत्र के आदिवासियों के स्वाभिमान का स्तर बहुत ऊँचा है। जानते हैं उन आदिवासियों के ऊँचे स्वाभिमान का कारण क्या बताया गया है?? उनके ऊँचे स्वाभिमान का कारण हैं महाराणा प्रताप। उसी महाराणा प्रताप को अप...