दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं -

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं - 



एक वो जो हर समस्या में अवसर खोजते हैं
दूसरे वो जो हर अवसर में समस्या खोजते हैं..

प्रधानमंत्री ने भी माना कि इस वायरस ने पूरी दुनिया को तहस नहस कर दिया है..लेकिन साथ ही ये भी कहा कि ये संकट हमारे लिए नए अवसर लेकर आया है..

कल तक जो कह रहे थे कि ये सरकार सब कुछ केवल जनता से ही करवाना चाहती है, खुद कुछ नहीं करना चाहती.. आज वो भी देश के अब तक के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज दिए जाने के बावजूद इसमें भी मीनमेख निकालने में लगे हैं..

किसी को ये झुनझुना लगा, किसी को बकवास लगा, किसी को असंभव लगा, कुछ तो यहाँ तक कह गए कि इस पैकेज की आड़ में मोदी अपने कुछ खास लोगों का कर्ज़ माफ़ करवा देंगे..

इनमें से अधिकांश लोग वो हैं जो एक मंदबुद्धि अधेड़ को प्रधानमंत्री बनाने पर आमादा हैं.. जिसे खुद पता नहीं होता कि वो क्या बोल रहा है.. वो हिंदी में बोलता है फिर भी उसने क्या कहा ये समझाने के लिए भी चार लोग रखे हैं.. लेकिन समस्या ये है कि वो चार लोग भी उतने ही बड़े मंदबुद्धि हैं..

खैर.. ये रकम कम है.. ज़्यादा है.. मजदूरों को निचोड़ लिया जाएगा.. उनके अधिकार समाप्त हो जाएंगे.. ये सरकार केवल उद्योगपतियों की सरकार है.. जैसे तमाम आरोप लगाए जाएंगे..

लेकिन एक बात तय है कि जो भी पैकेज दिया जाएगा वो वास्तव में और पूरा पूरा दिया जाएगा.. सही व्यक्तियो, संस्थाओं को दिया जाएगा..

जो कहते थे कि "सरकार 1 रुपया देती है.. लेकिन 85 पैसे बीच में ही गायब हो जाते हैं और ज़रूरतमंद तक केवल 15 पैसे ही पहुँचते हैं"  वैसा नहीं होगा..

आज वही लोग दिन रात एक ईमानदार सरकार को बदनाम करने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं.. झूठ बोल रहे हैं.. भ्रम फैला रहे हैं.. अपने कृपापात्रों से फेक न्यूज़ चलवा रहे हैं..

भाजपा विपक्ष में वर्षों तक रही लेकिन कभी इस तरह का घटियापन नहीं किया..

इस पैकेज का क्या और कितना व्यापक असर होगा इस पर तो विशेषज्ञ ही अपने आँकलन दे सकते हैं..

हम तो इतना जानते हैं कि इस सरकार की मंशा कभी गलत नहीं रही और ना रहेगी..

बाकी समय बतायेगा कि क्या हुआ..

विश्वास रखिये.. सकारात्मक रहिये.. नकारात्मक लोगों से दूर रहिये.. चाहे वो आपके आसपास हों.. व्हाट्सएप ग्रुप्स.. फेसबुक पर हों..

स्वयं को मज़बूत करिये.. इस संकट से पार पाने में अपना सब कुछ झोंक दीजिये..

आत्मनिर्भर_भारत

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